Thursday, October 31, 2013

मुबारक हो सभी को खुशियों भरी दीवाली

सबके घर में लक्ष्मी आये
गणेश जी सबके घर में खुशिया लाये
और रहे सबके चहरे पर मुस्कान कभी न जाने वाली
मुबारक हो सभी को खुशियों भरी दीवाली ॥

दीवाली के साथ  साथ नववर्ष कि भी शुभकामनाये,
जीवन में सभी के खुशियों कि बसंत ऋतु आये ।
खिले उन्माद क पुष्प और महका दे जीवन कि हर डाली ,
आप सभी को मुबारक हो खुशियो भरी दीवाली  ॥

teenagers को उनके parents हर बात पर टोंके नहीं ,
दोस्तों के साथ घूमने से रोके नहीं ।
और दिला दे iPad और iPhone 5S  जैसी चीजे मँहगी  वाली,
मुंबरा को सभी teenagers  को खुशियो भरी दीवाली ।

girlfriend  मिल जाए उन लड़को को जो अकेले हो ,
जीवन हो जैसे खुशियो क मेले हो ।
और वोह सुन्दर सुशील , sexy  कन्या कभी न करे आपकी जेबें  खाली '
मुबारक हो सभी युवा बंधुओ को खुशियों भरी दीवाली ॥

लड़कियो को पूरी आजादी मिले
जीवन भर बात सुन सके ऐसा साथी मिले
सम्मान दे , shopping  कराये और पूजा करे लेकर हाथ में थाली ,
मुबारक हो सभी कन्याओ  को खुशियों भरी दीवाली ॥

बच्चे आपकी बाते माने
संस्कारो का महत्व पहचाने
अर्धांगिनी से झगड़ा न हो और प्यार करे दिल खोल के साली
मुबारक हो सभी विवाहित पुरुषो को खुशियों भरी दीवाली ॥

पति को खूब सारी jwellary  दिलवाये ,
office  से कभी घर देर से आये ।
बहु मिले आज्ञाकारी और drama  न करने वाली ,
मुबारक दो सभी विवाहित महिलायो को खुशियो भरी दीवाली ॥

बुजुर्गो को बीमारियां  न सताए ,
diabetes  और घुटनो का दर्द सही हो जाए ।
अपने वंश को फलता फूलता देख खुश रहे जैसे कोई बगिया का माली ,
मुबारक हो सभी सम्मानीय बुजुर्गो को खुशियो भरी दीवाली ॥

देश में अच्छी सरकार आये ,
जो देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करवाये ।
सबके देशवासियो के चहरो पर फिर से आये खुशियो कि लाली ,
मुबारक हो आपको खुशियो भरी दीवाली ॥

मेरे सारे ये सपने पूरे हो जाए ,
कोई भी न अधूरा रह जाए ।
खेतो में  लहलहाये गेंहू कि बाली .
कभी किसी के हाथ न रहे खाली,
देश में न हो कंगाली ,
और हर  दिन हम मनाये खुशियो भरी दीवाली  ॥

Sunday, August 11, 2013

गलती



गलती

सर्दी का समय था, जनवरी का महीना था ठण्ड इतनी कड़ाके की थी कि हाथ पैर सुन्न कर दे चाँदनी रात थी आकाश में बादल चंद्रमा को घेरे हुए थे और निर्बाध रूप से चमकने में बाधा उत्पन्न कर रहे थे चाँद का तो जैसे बादलो के साथ द्वन्द युध चल रहा था कभी चाँद बादलो पर विजय पाकर चमकता तो कभी उनकी गिरफ्त में जकड़ा जाता चाँद अभिमन्यु की भाँति बदलो के चक्रव्यूह को तोड़ने का भरकस प्रयास कर रहा था। हवा इतनी
ठंडी चल रही थी कि जिसकी ठंडक शरीर को काँटे की तरह चुभ रही थी ऐसे वातावरण में एक गन्दी तथा मैली कमीज पहले एक लड़का बैठा हुआ था   उसकी कमीज कई स्थानों से फटी हुयी थी जिससे प्रवेश कर हवा ठण्ड की अनुभूति दे रही थी पर उसका ध्यान इस और नहीं था वह अपने अतीत की यादों में सफ़र कर रहा था वह सोच रहा था की कहा वह फैजाबाद के सबसे अमीर सेठ लक्ष्मीचंद का इकलौता बेटा था उसने गरीबी को देखा तक नहीं था उसकी प्रत्येक मांग उसके पिता द्वारा पूरी की जाती थी जिससे वह बिगड़ गया था एक दिन उसे उसकी किसी गलती के लिए डाटा गया था पर वह अपनी गलती स्वीकार करने को तैयार नहीं था और अचानक एक दिन छुब्द होकर घर से भाग आया जिसके कारण उसकी ये दशा बनी हुयी है शायद अब उसे अपनी गलती का अहसास हो रहा है

Friday, August 2, 2013

अनसोयी राते

अनसोयी राते

उम्र बीत गयी पढते पढते ज्ञान भरी बाते
और ना जाने कितनी बीत गयी अनसोयी राते

कभी कभी पन्ने पलटता हूँ अतीत की किताब के
और उस किताब के धुंधले पन्नो में टटोलता हूँ पन्ने इस शुरुआत  के

क्यूंकि जब मैं बहुत छोटा था ,तब सिर्फ हँसता था, खाता था और रोता था
और रात को चैन की नींद सोता था

पर जैसे ही बड़ा हुआ
रंग बिरंगी दुनिया को देखने खड़ा हुआ

मुझे पकड़ा दिया गया किताबो भरा झोला ,जिसे उठाते उठाते कंधे दुःख जाते
दिन तो होम वर्क से दूभर हो गया था ,पर अभी भी थी चैन भरी राते

एक समय वह भी आया जब शरीर को लगने लगा की क्यूँ भोर हुआ
दुर्भाग्यवश मैं ऐसे समय में ही किशोर हुआ

अब बस्ता कंधो से हट गया था
पर किताबो का वजन बढ गया था

और पैर दुखने लगे थे , ट्यूशन जाने लिए साइकिल के पैडल मारते मारते
पढाई के दवाब में कभी कभी आकर नमस्कार करने लगी थी अनसोयी राते 

जिंदगी में आंगे बढ्ने  के लिए
आंगे पढाई करने के लिए  

इंजीनियरिंग कॉलेज आया , यहाँ तो दिन छोटे महसूस होने लगे
और उनको पूरा करने के लिए रात के कुछ घंटे उनमे शामिल होने लगे

अब तो दिन में क्लासेज और सोना
रात को maggi , assignmet  और मस्ती का होना

कभी कभी रात बीत  जाती gaming  में या किसी का मजाक उड़ाते उड़ाते
नींदों से भरी नहीं थी पर जोशीली थी  अनसोयी  राते ॥

फिर इस उम्र में जो सबको होता हैमुझे भी एक बार हुआ
एक पागल सी , मासूम सी , सुन्दर सी , नटखट सी लड़की से प्यार हुआ

दिनभर घूमना फिरना ,प्यार मुहब्बत और रात गुजर जाती उसे मनाते मनाते ।
पर मन को अच्छी लगने लगी थी वो अनसोयी राते  

फिर शादी हई किसी से  
पता नहीं किसी और से या जिससे प्यार किया उसी से
अब तो जिम्मेदारीया हरदम थी
राते अनसोयी अभी भी थी पर नींद उनमे कम थी

समय बीतता तो बस पैसो का हिसाब लगाते लगाते
तनावभरी और नींद रहित थी अनसोयी राते ॥

शरीर अब बलहीन हो के झुकने  लगा था ।
मैं दो कदम चल के रुकने लगा  था

बलों का रंग अनायास ही सफ़ेद हो गया
और पता ही नहीं चला कब बुढापा दस्तक दे गया

अब समझ गया था की बूढ़े क्यूँ है सठियाते  
क्यूंकि अब उनके पास समय है , लेकिन तनाव उससे ज्यादा
घुटनों का दर्द हद से ज्यादा
high  B. P.  
और शुगर तो दिन रात साथ निभाते
जिंदगी में सिर्फ एक ही चीज बची होती है, वो है अनसोयी  राते  

अब जीतनी भी कोशिश करू जिंदगी अधूरी है
क्यूंकि बहुत सालो से नींद नहीं हुयी पूरी है

अब मौत से डरता नहीं , उसका इन्तजार करता हूँ ।
और हमेशा के लिए चैन की नींद सोने का बिस्तर तैयार करता हूँ